वाराणसी : उदय प्रताप कॉलेज स्थित राजर्षि स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में गुरुवार को राजर्षि सभागार में ‘बौद्धिक संपदा और अधिकार’ पर जागरूकता पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार से पेटेंट और डिजाइन की परीक्षक (ग्रुप ‘ए’ राजपत्रित अधिकारी) शैली चौधरी मुख्य वक्ता थीI आरएसएमटी के डायरेक्टर प्रो अमन गुप्ता ने गुलदस्ता भेंट कर अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए शैली ने छात्रों को बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के साथ-साथ पेटेंट और ट्रेडमार्क के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आविष्कार का पेटेंट इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह दूसरों को उसका उपयोग करने या बेचने से रोकने का अधिकार देता है।
अविष्कार को पेटेंट द्वारा दिए गए अधिकारों पर विचार साझा करते हुए उन्होंने आविष्कारों के लिए पेटेंट संरक्षण प्राप्त करने के लिए जरूरी आवश्यकताओं के बारे में भी बताया। मुख्य वक्ता ने कहा कि ट्रेडमार्क एक संकेत है जो एक उद्यम की वस्तु या सेवाओं को अन्य उद्यमों से अलग करने में मदद करता है। उन्होंने पेटेंट और डिजाइन के विशेषज्ञ के रूप में करियर के अवसरों पर भी विचार साझा किया। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया की यह कार्यशाला हाइब्रिड मोड में किया गया जिसमें एमबीए, एमसीए, बीबीए और बीसीए के 315 छात्र छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लियाI कार्यक्रम का संचालन बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा अंशिका श्रीवास्तव ने किया इस मौके पर डॉ संजय सिंह, डॉ प्रीति सिंह, डॉ विनीता कालरा, डॉ शैलेंद्र तिवारी, सुजीत सिंह, अनुराग सिंह, प्रीति नायर, गरिमा आनंद, शैलेश प्रताप और रामेश्वरी सोनकर ने उपस्थित रहकर सहयोग किया।
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