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	<title>राजनीति &#8211; Kashi Jagran | काशी जागरण</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Fri, 31 Jul 2026 07:46:20 +0000</lastBuildDate>
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		<title>Allahabad High Court का फैसला, प्रशासनिक देरी के आधार पर छूट नहीं मांग सकते सरकारी विभाग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:46:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि सरकारी विभाग मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के तहत अपील दायर करने में हुई देरी को माफ कराने के लिए केवल नौकरशाही प्रक्रियाओं, फाइलों की आवाजाही या प्रशासनिक विलंब का हवाला नहीं दे सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून की नजर में सरकार और निजी पक्षकार समान स्तर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि सरकारी विभाग मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के तहत अपील दायर करने में हुई देरी को माफ कराने के लिए केवल नौकरशाही प्रक्रियाओं, फाइलों की आवाजाही या प्रशासनिक विलंब का हवाला नहीं दे सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून की नजर में सरकार और निजी पक्षकार समान स्तर पर हैं तथा विलंब माफी के लिए सरकारी विभागों को ठोस और वास्तविक कारण बताने होंगे। 13 जुलाई को सुरक्षित रखा गया यह फैसला 29 जुलाई को सुनाया गया, जिसे बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी रेल मंत्रालय की उस विशेष अपील को खारिज करते हुए की, जो लखनऊ की वाणिज्यिक अदालत के एक आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। खंडपीठ ने वाणिज्यिक अदालत के उस निर्णय को सही ठहराया, जिसमें मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत आपत्तियां दाखिल करने में हुई 28 दिन की देरी को माफ करने से इनकार कर दिया गया था। मामला मेसर्स गैलेंट इस्पात लिमिटेड और रेल मंत्रालय के बीच रेलवे साइडिंग के लिए आवंटित भूमि के पट्टा किराये से संबंधित विवाद का था। दिसंबर 2023 में एकल मध्यस्थ ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेलवे को पट्टा किराये में संशोधन करने तथा लगभग 1.79 करोड़ रुपये आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया था। रेल मंत्रालय ने इस मध्यस्थीय निर्णय को वाणिज्यिक अदालत में चुनौती दी, लेकिन उसकी याचिका निर्धारित समय-सीमा के बाद दाखिल की गई। इस कारण अदालत ने देरी माफ करने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने उच्च न्यायालय का रुख किया। गैलेंट इस्पात लिमिटेड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलील दी कि रेल मंत्रालय देरी के लिए कोई ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सका, इसलिए उसे राहत नहीं दी जा सकती। उच्च न्यायालय ने अपील खारिज करते हुए कहा कि न्यायालयों का लगातार यह दृष्टिकोण रहा है कि विलंब माफी ‘‘अपवाद है, नियम नहीं।’’ अदालत ने कहा कि सरकारी विभागों को देरी के लिए वास्तविक, ठोस और पर्याप्त कारण प्रस्तुत करने होंगे। वे केवल प्रशासनिक चूक, प्रक्रियागत विलंब या विभागों के बीच फाइलों की आवाजाही का हवाला देकर राहत की अपेक्षा नहीं कर सकते।</p>
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		<title>AIIMS Raebareli परिसर में मरीजों के तीमारदारों के लिए बनेगा रात्रि विश्राम गृह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:06:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-रायबरेली परिसर में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों और उनके तीमारदारों के लिए रात्रि विश्राम गृह बनाया जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से दूर-दराज के जिलों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को सुरक्षित और स्वच्छ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-रायबरेली परिसर में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों और उनके तीमारदारों के लिए रात्रि विश्राम गृह बनाया जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से दूर-दराज के जिलों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को सुरक्षित और स्वच्छ आवास उपलब्ध हो सकेगा।<br />
वर्तमान में कई तीमारदार अपने परिजनों के उपचार के दौरान अस्पताल परिसर या खुले स्थानों पर रात बिताने को मजबूर होते हैं। एम्स के अधिकारियों के अनुसार, संस्थान के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन विभिन्न जिलों से करीब 3,000 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं के माध्यम से भर्ती भी किए जाते हैं, जिससे तीमारदारों के लिए ठहरने की व्यवस्था की आवश्यकता बढ़ गई है। इस परियोजना को एम्स-रायबरेली और सेवा दान आरोग्य संस्था के बीच बृहस्पतिवार को हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत लागू किया जाएगा। एमओयू का आदान-प्रदान एम्स के उपनिदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह और सेवा दान आरोग्य संस्था के प्रतिनिधि अमित दास ने कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अमिता जैन तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया। कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अमिता जैन ने कहा कि मरीजों के परिजनों और तीमारदारों के लिए सम्मानजनक आवास की व्यवस्था संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस पहल से मरीजों के परिवारों को काफी लाभ मिलेगा। संस्थान ने कहा कि परिसर में रात्रि विश्राम गृह बनने से हजारों मरीजों और उनके तीमारदारों के उपचार संबंधी अनुभव में सुधार होगा, क्योंकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा।</p>
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		<title>12 साल में भारतीय रेलवे ने दीं 5.56 लाख नौकरियां, संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा किए बड़े आंकड़े</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:18:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतीय रेलवे में रोजगार को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में बड़ा आंकड़ा पेश किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि वर्ष 2014 से जून 2026 तक भारतीय रेलवे में कुल 5.56 लाख लोगों की नियुक्ति की गई है। इन भर्तियों में विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल हैं। मंत्री &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय रेलवे में रोजगार को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में बड़ा आंकड़ा पेश किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि वर्ष 2014 से जून 2026 तक भारतीय रेलवे में कुल 5.56 लाख लोगों की नियुक्ति की गई है। इन भर्तियों में विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल हैं। मंत्री के अनुसार, इस अवधि में दक्षिण रेलवे में 50,485 कर्मचारियों की भर्ती हुई। रेल मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से तुलना करते हुए कहा कि 2004-05 से 2013-14 के बीच यूपीए सरकार के दौरान रेलवे में 4.11 लाख नियुक्तियां हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे में भर्ती प्रक्रिया प्रत्येक जोन की आवश्यकता और उपलब्ध पदों के आधार पर संचालित की जाती है।<br />
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर<br />
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे भर्ती परीक्षाएं बड़े स्तर पर आयोजित की जाती हैं और पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती तकनीक और परिचालन जरूरतों के अनुसार समय-समय पर अलग-अलग पदों के लिए भर्ती निकाली जाती है।<br />
एक टीटीई को अधिकतम पांच एसी कोच की जिम्मेदारी<br />
लोकसभा में नांदेड़ से कांग्रेस सांसद रवींद्र वसंतराव चव्हाण ने टीटीई पर कार्यभार को लेकर प्रश्न उठाया था। इसके जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि नए दिशा-निर्देशों के अनुसार एक टीटीई को अधिकतम पांच एसी कोच या तीन चेयर कार अथवा तीन स्लीपर कोच की जिम्मेदारी दी जाती है।<br />
उन्होंने कहा कि किसी ट्रेन में टीटीई की संख्या वहां मौजूद कोचों की संख्या और श्रेणी के अनुसार तय की जाती है, ताकि टिकट जांच के साथ यात्रियों को बेहतर सहायता भी मिल सके। साथ ही जोनल रेलवे को समय-समय पर मानव संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशासनिक निर्देश भी जारी किए जाते हैं।<br />
कैंसिल टिकट से होने वाली आय का अलग रिकॉर्ड नहीं<br />
राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे कैंसिल और वेटिंग टिकट से होने वाली आय का क्षेत्रवार रिकॉर्ड नहीं रखता।<br />
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस के टिकट रद्द करने के नियम अन्य ट्रेनों से अलग हैं।</p>
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		<title>सारनाथ को मिली वैश्विक पहचान, यूनेस्को ने 25 नए स्थलों को विश्व धरोहर सूची में किया शामिल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:16:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[यूनेस्को (UNESCO) ने अपनी विश्व धरोहर सूची (World Heritage List) का विस्तार करते हुए 25 नए स्थलों को शामिल किया है। इस सूची में उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ, ईरान का आलमूत महल और संबंधित किला तथा जॉर्डन का अकाबा समुद्री संरक्षित क्षेत्र भी शामिल हैं। इन स्थलों को विश्व धरोहर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>यूनेस्को (UNESCO) ने अपनी विश्व धरोहर सूची (World Heritage List) का विस्तार करते हुए 25 नए स्थलों को शामिल किया है। इस सूची में उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ, ईरान का आलमूत महल और संबंधित किला तथा जॉर्डन का अकाबा समुद्री संरक्षित क्षेत्र भी शामिल हैं। इन स्थलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का निर्णय दक्षिण कोरिया के बुसान में 19 से 29 जुलाई तक आयोजित विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में लिया गया। सारनाथ को 25 जुलाई को आधिकारिक रूप से इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया।<br />
तीन अफ्रीकी देशों के लिए भी ऐतिहासिक रहा यह सत्र<br />
यूनेस्को के बयान के अनुसार, इस बार का सत्र कोमोरोस, साओ टोमे एवं प्रिंसिपे और दक्षिण सूडान के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार इन तीनों देशों के किसी स्थल को विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला है। संगठन ने इसे विश्व धरोहर सूची को अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।<br />
छह स्थलों को संकटग्रस्त विश्व धरोहर सूची में भी किया शामिल<br />
विश्व धरोहर समिति ने छह स्थलों को संकटग्रस्त विश्व धरोहरों की सूची में भी शामिल किया। यूनेस्को के अनुसार, इन स्थलों के असाधारण महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।<br />
इन नए स्थलों को भी मिली विश्व धरोहर का दर्जा<br />
इस वर्ष सूची में शामिल अन्य प्रमुख स्थलों में जापान की प्राचीन राजधानियां असुका और फुजिवारा, उज्बेकिस्तान का ताशकंद मॉडर्निस्ट आर्किटेक्चर, साओ टोमे एवं प्रिंसिपे का &#8216;रोकास&#8217;, तथा यूनान के माउंट ओलंपस का बड़ा हिस्सा शामिल हैं।<br />
अब 173 देशों के 1,273 स्थल सूची में शामिल<br />
यूनेस्को ने 28 जुलाई को जारी अपने बयान में बताया कि 25 नई प्रविष्टियों के बाद अब विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थलों की कुल संख्या 1,273 हो गई है, जो 173 देशों में स्थित हैं।<br />
इन नए स्थलों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च मान्यता मिलने के साथ-साथ संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग का लाभ भी मिलेगा।<br />
19 सांस्कृतिक, 5 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल को मिली जगह<br />
समिति ने आपसी सहमति से जिन 25 नए स्थलों को सूची में शामिल किया, उनमें 19 सांस्कृतिक, 5 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं। इसके अलावा पहले से सूचीबद्ध दो स्थलों के दायरे के विस्तार को भी मंजूरी दी गई, जिनमें दक्षिण कोरिया का गेटबोल (कोरियाई ज्वारीय मैदान-चरण 2) भी शामिल है।<br />
वियना का ऐतिहासिक केंद्र खतरे वाली सूची से बाहर<br />
विश्व धरोहर समिति ने ऑस्ट्रिया के वियना के ऐतिहासिक केंद्र को संकटग्रस्त विश्व धरोहरों की सूची से हटाने का भी निर्णय लिया। समिति का अगला सत्र वर्ष 2027 में तुर्किये के इस्तांबुल में आयोजित किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>सावन के पहले दिन काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, CM योगी ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक</title>
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		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:15:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सावन के पावन महीने की शुरुआत गुरुवार से हो गई और पहले ही दिन भगवान शिव की नगरी काशी में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्री काशी विश्वनाथ धाम में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे शिवभक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सावन के पावन महीने की शुरुआत गुरुवार से हो गई और पहले ही दिन भगवान शिव की नगरी काशी में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्री काशी विश्वनाथ धाम में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे शिवभक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्री काल भैरव मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और आरती में भी सहभागिता की।<br />
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम<br />
सावन के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया गया। श्रावण मास के दौरान आम श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से मंदिर प्रशासन ने वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक लगाने का निर्णय भी लागू किया है, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।<br />
श्रावण मास में काशी का विशेष धार्मिक महत्व<br />
हिंदू मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस महीने में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव पूजन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक की गई पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हर वर्ष श्रावण मास में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम पहुंचते हैं। इस बार भी पहले दिन से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक आयोजनों का शुभारंभ हुआ। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>सावन के पहले दिन बरेली पहुंचेंगे चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी, अलर्ट पर बरेली मंडल के अधिकारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:15:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक ) राजीव कृष्णा, सावन के पहले दिन, कल-30 जुलाई को बरेली पहुंच रहे हैं। शासन के शीर्ष अधिकारियों का दौरा प्रस्तावित होते ही बरेली मंडल के अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। विशेषकर कांवड़ यात्रा को लेकर&#8230;। तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक ) राजीव कृष्णा, सावन के पहले दिन, कल-30 जुलाई को बरेली पहुंच रहे हैं। शासन के शीर्ष अधिकारियों का दौरा प्रस्तावित होते ही बरेली मंडल के अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। विशेषकर कांवड़ यात्रा को लेकर&#8230;। तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी गई हैं। सावन के शुभारंभ पर चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी का बरेली दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी के बरेली आने की सूचना मिलते ही बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक हल्के में हलचल तेज हो गई है। मंडल के चार जनपद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं यानी चारों जिलों के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। कानून व्यवस्था से लेकर कांवड़ की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं तक, सब कुछ व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया है।<br />
गुरुवार को चीफ सेक्रेटरी शासन की योजनाओं की स्थिति परखेंगे। चारों जनपदों में कल्याणकारी योजनाओं और शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यों की जमीनी स्थिति जानेंगे। दूसरी तरफ डीजीपी बरेली क्षेत्र में कानून व्यवस्था की नब्ज टटोलेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे पर सीधे सीएम कार्यालय से नजर रहेगी। बरेली मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी होगी। इसमें कुछ बड़े एक्शन भी देखने को मिल सकते हैं।<br />
कांवड़ यात्रा पर नजर<br />
गुरुवार को सावन का पावन माह शुरू हो रहा है। इसी के साथ कांवड़ यात्राओं का शुभारंभ हो जाएगा। बरेली परिक्षेत्र में लाखों कांवड़िये गंगा जल लेने निकलते हैं। बरेली बैठक के दौरान सबसे प्रमुख बिंदु कांवड़ यात्रा ही रहेगी। शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यही है कि कावंड़ यात्राएं शांतिपूर्वक और गरिमामय वातावरण में संपन्न हों। इसलिए बरेली मंडल के चारों जिलों में कांवड़ मार्गों की क्या स्थिति हैं। वहां सुरक्षा व्यवस्था के क्या इंतजाम किए गए हैं। शासन ने जो दिशा-निर्देश जारी किए थे-उनका कितना पालन किया गया। कौन से सेंसटिव मार्ग हैं और कहां-कितनी फोर्स तैनात रहेगी। सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की क्या स्थिति है? सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तमाम पहलुओं पर मंथन होगा। ढिलाई मिलने पर कार्रवाई तय है।<br />
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर<br />
महिला सुरक्षा का मुद्दा सीएम की प्राथमिकता में शामिल है। वह अक्सर अपनी सभाओं में महिला सुरक्षा के मुद्दे को सर्वोच्च रखते हैं। ऐसे में डीजीपी बरेली क्षेत्र में महिला अपराध से जुड़े मामलों की टोह लेंगे। ऐसे मामलों में कार्रवाई की स्थिति भी जानेंगे और महिला अपराध के विषय में पुलिस की तत्परता, लापरवाही-दोनों जानेंगे। महिलाओं से जुड़े अपराधों में कार्रवाई की स्थिति और पेंडेंसी पर भी बात होगी।\<br />
गड्ढा मुक्त सड़कें<br />
कांवड़ के दौरान शहर के मुख्य मार्गों की क्या स्थिति है? गड्ढे तो नहीं हैं? विशेषकर सातों नाथ मंदिरों को जाने वाले रास्तों की हालत भी देखी जा सकती है। चीफ सेक्रेटरी इस मामले में जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा यातायात को लेकर रूट डायवर्जन प्लान पहले से तैयार किया गया जा चुका है।<br />
कानून व्यवस्था पर सख्ती<br />
डीजीपी बरेली पुलिस लाइन सभागार में बरेली मंडल के चारों जिलों के कप्तानों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति परखेंगे। कानून व्यवस्था को लेकर सीएम बेहद सख्त हैं और संभव है कि जहां भी रत्ती भर ढिलाई मिली तो कार्रवाई तय है।<br />
स्मार्ट सिटी का निरीक्षण<br />
स्मार्ट सिटी बरेली में विकास कार्यों की जायजा भी लिया जाएगा। चीफस सेक्रेटरी निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी कर सकते हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बरेली में सड़कों का चौड़ीकरण चल रहा है। सौंदर्यीकरण और आधुनिक बस टर्मिनल निर्माण कार्य जारी है। संभव है कि चीफ सेक्रेटरी इनमें से किसी प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंच जाएं।<br />
सक्रिय हो गए अधिकारी<br />
चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी के दौरे की भनक के बरेली मंडल के शीर्ष अधिकारियों से लेकर नीचे तक, सब अलर्ट हो गए हैं। कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक बंदोवस्त तक का भौतिक सत्यापन किया जाने लगा है। बुधवार को बरेली मंडल के शीर्ष अधिकारी बरेली मंडल में फील्ड पर सक्रिय रहे। चारों जिलों में यही स्थिति रही है। अधिकारी खुद उन सभी बिंदुओं को रख रहे हैं, जो शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं।</p>
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		<title>CM योगी की गाजीपुर को 692 करोड़ की सौगात, यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट सबसे पहले</title>
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		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:14:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तर प्रदेश में हर दिन राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, मौसम, सड़क हादसों, धार्मिक आयोजनों और सरकारी फैसलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आती हैं। UP Breaking Live में आपको प्रदेशभर की हर छोटी-बड़ी खबर का पल-पल का अपडेट एक ही जगह मिलेगा। राजधानी लखनऊ से लेकर नोएडा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश में हर दिन राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, मौसम, सड़क हादसों, धार्मिक आयोजनों और सरकारी फैसलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आती हैं। UP Breaking Live में आपको प्रदेशभर की हर छोटी-बड़ी खबर का पल-पल का अपडेट एक ही जगह मिलेगा। राजधानी लखनऊ से लेकर नोएडा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, अयोध्या, बरेली, मुरादाबाद और प्रदेश के सभी जिलों की प्रमुख खबरों पर हमारी लगातार नजर रहेगी।</p>
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		<title>बिहार मंत्रिमंडल ने 24 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 22,891 आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं की होगी बहाली</title>
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		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:09:45 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें राज्य में आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 22,891 रिक्त पदों पर आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका की नियुक्ति तथा इसके लिए नयी चयन मार्गदर्शिका-2026 को स्वीकृति देने का निर्णय प्रमुख &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: left;">बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें राज्य में आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए 22,891 रिक्त पदों पर आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका की नियुक्ति तथा इसके लिए नयी चयन मार्गदर्शिका-2026 को स्वीकृति देने का निर्णय प्रमुख है। मंत्रिमंडल ने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने और सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘बिहार खेल नीति-2026’ और सहकारिता के लिए ‘बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026’ को भी मंजूरी दी। बैठक के बाद सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्रिमंडल के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि समेकित बाल विकास सेवाओं(आईसीडीएस) के तहत छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारु संचालन के लिए अब तक आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2022 के तहत चयन किया जाता था। हालांकि मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2026 लागू की जाएगी। चौधरी ने बताया कि नयी मार्गदर्शिका के तहत राज्य में 6,141 आंगनबाड़ी सेविकाओं तथा 16,750 सहायिकाओं, यानी कुल 22,891 रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि चौथे कृषि रोड मैप के तहत कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए 236.58 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है। चौधरी ने बताया कि इसके तहत किसानों को अनुदानित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे तथा कस्टम हायरिंग सेंटर और किसान ड्रोन बैंक स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य के 38 जिलों में वर्मी कम्पोस्ट तथा गोबर/बायोगैस इकाइयों की स्थापना के लिए 30.17 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई के लिए 97.48 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। वहीं, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को वेतन एवं पेंशन भुगतान के लिए 158.62 करोड़ रुपये की सहायक अनुदान राशि भी स्वीकृत की गई है।</p>
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		<title>बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण, विदेश मंत्री ने कहा- सरकार कर रही विचार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:05:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[ढाका, 29 जुलाई बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने समकक्ष तारिक रहमान को भारत आने के लिए दिए गए निमंत्रण पर ‘विचार’ कर रहा है। विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने यह बात तब कही, जब उनसे दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ढाका, 29 जुलाई बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने समकक्ष तारिक रहमान को भारत आने के लिए दिए गए निमंत्रण पर ‘विचार’ कर रहा है। विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने यह बात तब कही, जब उनसे दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को दिए गए भारत के निमंत्रण के बारे में पूछा गया। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के ढाका आने के पांच सप्ताह बाद रहमान से शिष्टाचार भेंट की, जिसके बाद रहमान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम अभी इस (आमंत्रण) पर विचार कर रहे हैं।’’ ढाका में भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उच्चायुक्त ने ‘‘बांग्लादेश के साथ आपसी हितों और आपसी लाभ पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया, साथ ही सभी क्षेत्रों में लोगों पर केंद्रित सहयोग को और गहरा करने की बात कही।’’ पोस्ट में कहा गया कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा के लिए विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम से भी मुलाकात की। रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश यात्राओं के लिए कई आमंत्रण मिले हैं और उन्हें न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी शामिल होना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, हमें इन सभी कार्यक्रमों पर एक साथ विचार करना होगा।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले फरवरी में अपने बांग्लादेशी समकक्ष को परिवार के साथ भारत आने का निमंत्रण दिया था। बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, मोदी ने पिछले हफ्ते रहमान को आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए एक और विशेष निमंत्रण भेजा।</p>
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		<title>कौन होगा BJP का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष ? इन तीन नामों को लेकर चर्चा तेज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jun 2025 09:38:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठनात्मक मामलों, खास तौर पर अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। हालांकि पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आंतरिक विचार-विमर्श चल रहा है और औपचारिक प्रक्रिया जून के मध्य तक शुरू हो सकती है। भाजपा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/bjp.avif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठनात्मक मामलों, खास तौर पर अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। हालांकि पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आंतरिक विचार-विमर्श चल रहा है और औपचारिक प्रक्रिया जून के मध्य तक शुरू हो सकती है। भाजपा ने अधिकांश राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे कर लिए हैं, जो अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी संविधान के तहत एक आवश्यक पूर्व शर्त है।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि आंतरिक विचार-विमर्श चल रहा है और औपचारिक प्रक्रिया जून के मध्य तक शुरू हो सकती है। भाजपा ने अधिकांश राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे कर लिए हैं, जो अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी संविधान के तहत एक आवश्यक पूर्व शर्त है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में 70 जिला अध्यक्षों की हाल ही में हुई घोषणा ने इस अटकल को और हवा दे दी है कि केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही भाजपा अध्यक्ष पद पर फैसला ले सकता है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर इस प्रक्रिया में कुछ देरी हुई है। पार्टी सूत्रों ने कथित तौर पर संकेत दिया है कि राष्ट्रीय स्तर पर नियुक्ति से पहले, भाजपा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित प्रमुख राज्यों में नए राज्य इकाई अध्यक्षों को अंतिम रूप दे सकती है।</p>
<p>मध्य प्रदेश में मौजूदा नेतृत्व संरचना में एक ओबीसी मुख्यमंत्री और एक ब्राह्मण राज्य अध्यक्ष है – एक संतुलन जो अब तक पार्टी के लिए काम कर रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी अब राज्य प्रमुख के रूप में एक आदिवासी नेता को नियुक्त करने पर विचार कर रही है, क्योंकि वर्तमान राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व में आदिवासी प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है। उत्तराखंड में, एक ब्राह्मण नेता को राज्य अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे बताया जा रहा है, हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।</p>
<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1920" height="1080" class="wp-image-147427" src="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/bjp.webp" alt="" srcset="https://bharatkitasveer.com/wp-content/uploads/2025/06/bjp.webp 1920w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/06/bjp-768x432.webp 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/06/bjp-1536x864.webp 1536w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2025/06/bjp-390x220.webp 390w" sizes="(max-width: 1920px) 100vw, 1920px"></figure>
<h3 class="wp-block-heading">चर्चा में ये तीन नाम</h3>
<p>ओडिशा के एक प्रमुख ओबीसी नेता, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जो अपनी संगठनात्मक कुशलता और केंद्रीय नेतृत्व से निकटता के लिए जाने जाते हैं, पार्टी के अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुख दिग्गजों में से एक हैं। शिवराज सिंह चौहान एक और शीर्ष दावेदार के रूप में उभरे हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और अब केंद्रीय मंत्री, जमीनी स्तर के अनुभव वाले एक जन नेता के रूप में देखे जाते हैं। मनोहर लाल खट्टर, जो हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री की भूमिका से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं, निरंतरता और प्रशासनिक अनुभव का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं; इसलिए, उन्हें उन तीन बड़े नामों में से एक माना जा रहा है, जिनमें से भाजपा चुन सकती है।</p>
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