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	<title>देश-विदेश &#8211; Kashi Jagran | काशी जागरण</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Fri, 31 Jul 2026 07:58:20 +0000</lastBuildDate>
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		<title>क्या मेजबान होकर भी वर्ल्ड कप से बाहर रह जाएगी नामीबिया? नेपाल पर जीत के बाद फिर जगी 2027 World Cup की उम्मीद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:58:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वनडे विश्व कप 2027 अगले साल खेला जाना है, लेकिन उससे पहले इस बार क्वालिफिकेशन की जंग बेहद रोमांचक हो चुकी है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा नामीबिया को लेकर है, क्योंकि वह टूर्नामेंट की सह-मेजबान होने के बावजूद अब तक अपनी जगह पक्की नहीं कर सकी है। हाल ही में नेपाल पर जीत के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>वनडे विश्व कप 2027 अगले साल खेला जाना है, लेकिन उससे पहले इस बार क्वालिफिकेशन की जंग बेहद रोमांचक हो चुकी है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा नामीबिया को लेकर है, क्योंकि वह टूर्नामेंट की सह-मेजबान होने के बावजूद अब तक अपनी जगह पक्की नहीं कर सकी है। हाल ही में नेपाल पर जीत के बाद नामीबिया की उम्मीदों को नई ताकत मिली है। हालांकि टीम अभी भी अंक तालिका में टॉप-4 से बाहर है और फाइनल क्वालिफिकेशन के लिए उसे आगे शानदार प्रदर्शन करना होगा।<br />
नेपाल पर जीत से मजबूत हुई स्थिति<br />
आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 में नामीबिया ने नेपाल को हराकर दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। इस जीत के बाद टीम 26 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। अब तक नामीबिया ने 31 मैच खेले हैं, जिनमें 12 जीत और 17 हार दर्ज की हैं। टीम के पास अभी भी शीर्ष-4 में पहुंचने का मौका बना हुआ है।<br />
लीग-2 में कैसी है अंक तालिका?<br />
फिलहाल लीग-2 में स्थिति कुछ इस प्रकार है—<br />
अमेरिका (USA) – पहले स्थान पर<br />
नीदरलैंड्स – दूसरे स्थान पर<br />
स्कॉटलैंड – तीसरे स्थान पर<br />
ओमान – चौथे स्थान पर<br />
नामीबिया – पांचवें स्थान पर<br />
लीग-2 के अंत में टॉप-4 टीमें सीधे वर्ल्ड कप क्वालिफायर में पहुंचेंगी, जबकि पांचवें से आठवें स्थान पर रहने वाली टीमों को क्वालिफायर प्लेऑफ खेलना होगा।<br />
मेजबान होने के बावजूद क्यों नहीं मिली सीधी एंट्री?<br />
ODI World Cup 2027 की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे।<br />
दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को मेजबान होने के कारण सीधा स्थान मिला है।<br />
लेकिन नामीबिया आईसीसी का फुल मेंबर नहीं है, इसलिए उसे क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।<br />
यही वजह है कि मेजबान होने के बावजूद नामीबिया की जगह अभी सुनिश्चित नहीं है।<br />
क्या इतिहास बदल सकता है?<br />
अब तक वनडे विश्व कप के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ कि मेजबान देश ही टूर्नामेंट में खेलने से चूक जाए।<br />
अगर नामीबिया क्वालिफाई नहीं कर पाती, तो यह विश्व कप इतिहास की एक अनोखी और पहली घटना होगी। हालांकि टीम के पास अभी भी मौका है। यदि वह अपने बाकी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करती है तो सीधे क्वालिफायर तक पहुंच सकती है। अन्यथा उसे प्लेऑफ के कठिन रास्ते से गुजरना होगा।</p>
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		<title>₹71 लीटर का एथेनॉल: ,फिर भी पेट्रोल में क्यों मिलाया जा रहा? सरकार ने बताया पूरा गणित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:56:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि जब एथेनॉल की खरीद कीमत ही करीब 71 रुपये प्रति लीटर है, तो सरकार इसे पेट्रोल में मिलाने पर इतना जोर क्यों दे रही है? लोकसभा में भी यही सवाल उठा। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि जब एथेनॉल की खरीद कीमत ही करीब 71 रुपये प्रति लीटर है, तो सरकार इसे पेट्रोल में मिलाने पर इतना जोर क्यों दे रही है? लोकसभा में भी यही सवाल उठा। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम का उद्देश्य तेल कंपनियों को सस्ता ईंधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना, किसानों को बेहतर बाजार देना और विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना है।<br />
सवाल 1 : एथेनॉल आखिर कितने का खरीदा जा रहा है?<br />
सरकार के अनुसार, मौजूदा एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026) में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां एथेनॉल करीब 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही हैं। इस कीमत में जीएसटी और परिवहन खर्च भी शामिल है।<br />
इंडियन ऑयल : 71.18 रुपये प्रति लीटर<br />
हिंदुस्तान पेट्रोलियम : 71.10 रुपये प्रति लीटर<br />
भारत पेट्रोलियम : 71.21 रुपये प्रति लीटर<br />
सरकार ने बताया कि गन्ने के रस, बी-हैवी और सी-हैवी शीरे, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, एफसीआई के अतिरिक्त चावल और मक्का जैसे विभिन्न स्रोतों से तैयार एथेनॉल की औसत एक्स-डिस्टिलरी कीमत 66.61 रुपये प्रति लीटर है, जिसमें जीएसटी और परिवहन लागत शामिल नहीं है।<br />
सवाल 2 : जब एथेनॉल सस्ता नहीं है, तो इसे पेट्रोल में क्यों मिलाया जा रहा है?<br />
सरकार का कहना है कि इस योजना को केवल खरीद कीमत के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। एथेनॉल मिश्रण का उद्देश्य दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को साधना है। सरकार के मुताबिक इससे -कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटती है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है। देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है। किसानों को अपनी फसलों के लिए अतिरिक्त बाजार मिलता है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आती है। सरकार ने स्पष्ट किया कि एथेनॉल खरीद की व्यवस्था तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और उत्पादकों को उचित मूल्य देने के लिए बनाई गई है।<br />
सवाल 3 : पश्चिम एशिया संकट के दौरान क्या फायदा मिला?<br />
सरकार ने संसद में कहा कि हाल के पश्चिम एशिया संकट के दौरान जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 70 से 80 प्रतिशत तक उछाल आया, तब भी भारत में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग 7 से 8 प्रतिशत तक सीमित रही। सरकार का कहना है कि जब भारतीय कच्चे तेल की कीमत करीब 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, तब बाजार के हिसाब से पेट्रोल लगभग 125 रुपये प्रति लीटर बिक सकता था। इसके बावजूद दिल्ली में उपभोक्ताओं को 94.77 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल उपलब्ध कराया गया। सरकार ने इसका एक कारण घरेलू स्तर पर उपलब्ध एथेनॉल को भी बताया। हालांकि इस अवधि में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल पर औसतन लगभग 11 रुपये प्रति लीटर का अंडर-रिकवरी नुकसान हुआ, जिसकी कुल राशि करीब 21,300 करोड़ रुपये रही।<br />
सवाल 4 : क्या E20 पेट्रोल से गाड़ी के इंजन को नुकसान होता है?<br />
सरकार ने कहा कि अधिक एथेनॉल मिश्रण लागू करने से पहले ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), वाहन निर्माता कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं ने व्यापक परीक्षण किए थे। सरकार के अनुसार, देश में 23 करोड़ से अधिक वाहन उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं। इनमें 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और लगभग 3 करोड़ पेट्रोल कारें शामिल हैं। अब तक एथेनॉल मिश्रण के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। वाहन निर्माता कंपनियां E20 ईंधन का उपयोग करने वाले वाहनों की वारंटी भी जारी रखे हुए हैं।<br />
सवाल 5 : किसानों को इससे क्या फायदा होगा?<br />
सरकार का मानना है कि एथेनॉल की मांग बढ़ने से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों के लिए नया बाजार तैयार होता है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है।<br />
सवाल 6 : सरकार का बड़ा लक्ष्य क्या है?<br />
सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण केवल ईंधन नीति नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसलिए इस योजना का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि एथेनॉल पेट्रोल से सस्ता है या महंगा।<br />
एक नजर में<br />
-एथेनॉल खरीद कीमत: करीब 71 रुपये प्रति लीटर<br />
-उद्देश्य: ऊर्जा सुरक्षा और आयातित तेल पर निर्भरता कम करना<br />
-किसानों को लाभ: कृषि उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना<br />
-पर्यावरण: वाहनों से उत्सर्जन कम करने में मदद का दावा<br />
-वाहन: 23 करोड़ से अधिक वाहन उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं<br />
-सरकार का संदेश: यह योजना मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लागू की जा रही है।</p>
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		<item>
		<title>Ajinkya Rahane ने International Cricket से लिया संन्यास, फैंस के लिए शेयर किया भावुक नोट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:55:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत के अनुभवी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फ़ैन्स के लिए एक भावुक संदेश शेयर करके इस फ़ैसले की आधिकारिक घोषणा की। 38 साल की उम्र में रहाणे ने अपने शानदार इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। अनुभवी बल्लेबाज़ ने सोशल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के अनुभवी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फ़ैन्स के लिए एक भावुक संदेश शेयर करके इस फ़ैसले की आधिकारिक घोषणा की। 38 साल की उम्र में रहाणे ने अपने शानदार इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। अनुभवी बल्लेबाज़ ने सोशल मीडिया पर फ़ैन्स के साथ एक संदेश शेयर किया, जिसमें वे भावुक नज़र आए। उन्होंने भारतीय टीम के साथ बिताए अपने समय और देश के लिए अपना सब कुछ झोंक देने के बारे में बात की। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी 2020-21 के सबसे बड़े नायकों में से एक, रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया में मिली उस सीरीज़ जीत के साथ भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। वीडियो संदेश में रहाणे ने कहा कि अब उनके करियर में आगे बढ़ने का सही समय आ गया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि भले ही वे अपने खेलने के करियर को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन वे इस खेल से गहराई से जुड़े रहना चाहते हैं। रहाणे ने क्लिप में कहा कि ज़िंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज़ की शुरुआत होती है और हर चीज़ का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसका सम्मान करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने हमेशा अपनी बैटिंग में टाइमिंग पर भरोसा किया है और हमेशा इसके महत्व को समझा है। आज, मुझे लगता है कि मेरे लिए आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फ़ॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है। डोम्बिवली से एक युवा लड़के के तौर पर सिर्फ़ प्रैक्टिस के लिए सफ़र करने के शुरुआती दिनों से ही, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। भारतीय टीम के सबसे मज़बूत बल्लेबाज़ों में से एक माने जाने वाले रहाणे ने जब भी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, तो निस्संदेह अपना सब कुछ झोंक दिया। अपने करियर के दौरान, 38 वर्षीय खिलाड़ी ने कुल 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 T20I मैच खेले। इन 195 मैचों में रहाणे ने कुल 8,414 रन बनाए, जिनमें से 5,077 रन खेल के सबसे लंबे फ़ॉर्मैट में आए। उन्होंने छह अलग-अलग फ़्रैंचाइज़ी के लिए 212 IPL मैच भी खेले।</p>
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		<item>
		<title>Lovepreet Singh ने Weightlifting में जीता रजत, नीरज चोपड़ा भालाफेंक फाइनल में</title>
		<link>https://kashijagran.com/lovepreet-singh-%e0%a4%a8%e0%a5%87-weightlifting-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%9c-%e0%a4%9a%e0%a5%8b/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:53:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[खेल]]></category>
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					<description><![CDATA[हैवीवेट भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता जबकि बृहस्पतिवार को दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय भालाफेंक के फाइनल में पहुंच गए। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु त्रिकूद फाइनल में पहुंच गए। 28 वर्षीय लवप्रीत ने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैवीवेट भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता जबकि बृहस्पतिवार को दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय भालाफेंक के फाइनल में पहुंच गए। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु त्रिकूद फाइनल में पहुंच गए। 28 वर्षीय लवप्रीत ने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 212 किग्रा सहित कुल 388 किग्रा भार उठाया। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता। पुरूषों के शॉटपुट फाइनल में एशियाई खेलों के चैम्पियन तेजिंदरपाल सिंह तूर पदक से चूककर पांचवें स्थान पर रहे। वहीं राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनिमेष कुजूर (200 मीटर) और विशाल टीके (400 मीटर) फाइनल में जगह नहीं बना सके। पुरूषों की लॉन बॉल्स टीम ने अपना विजय अभियान जारी रखा। युवा महिला भारोत्तोलक प्लस 86 किलो वर्ग में पदक से चूक गई और पांचवें स्थान पर रही। लवप्रीत ने जीता रजत : पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले लवप्रीत ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 212 किग्रा सहित कुल 388 किग्रा भार उठाया। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने भारोत्तोलन में भारत के लगातार तीन स्पर्धाओं के पदक नहीं जीत पाने का सिलसिला भी तोड़ा। भारतीय भारोत्तोलन दल ने खेलों में अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया। भारतीय भारोत्तोलक मार्टिना देवी मेबाम का राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्प भावनाओं से भरा रहा जब यह 18 वर्षीय खिलाड़ी मुकाबले से बाहर होने की कगार से वापसी करने में सफल रहीं लेकिन पदक से चूककर महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक भारवर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं। मणिपुर की मार्टिना ने स्नैच में 105 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 140 किग्रा सहित कुल 245 किग्रा वजन उठाया। उनका कुल भार न्यूजीलैंड की तुई अलोफा पटोलो (115 किग्रा और 130 किग्रा) के बराबर रहा। हालांकि कम असफल प्रयासों के आधार पर पटोलो को चौथा स्थान मिला। नीरज , रोहित , यशवीर भालाफेंक फाइनल में, शॉटपुट में निराशा : दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के साथ दो अन्य भारतीय क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष 12 में जगह बनाकर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए। चोपड़ा ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करते हुए भाला फेंक स्पर्धा का खिताब जीता था। वह क्वालीफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे जबकि रोहित यादव (78.37 मीटर) और यशवीर सिंह (78.36 मीटर) क्रमशः नौवें और 10वें स्थान पर रहे। चोपड़ा ने बाद में कहा ,‘‘ यहां के हालात भालाफेंक के लिये अच्छे नहीं है। ठंड के साथ हवा भी चल रही है।’’ पुरूषों की शॉटपुट स्पर्धा में भारत को पदक के लिये और इंतजार करना होगा क्योंकि एशियाई खेल चैम्पियन तेजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल फाइनल में क्रमश: पांचवें और सातवें स्थान पर रहे। भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में शॉटपुट में कभी पदक नहीं जीता है। इस बार फाइनल में दो भारतीय होने के बावजूद पदक नहीं मिल सका। भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक धावक अनिमेष कुजूर पुरुष 200 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। वह अपनी सेमीफाइनल हीट (शुरुआती रेस) में 20.65 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे। कुजूर सेमीफाइनल की दूसरी हीट में पहली लेन से दौड़े लेकिन 20.32 सेकेंड के अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड से काफी पीछे रहे रहे। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु ने पुरुष त्रिकूद स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। चित्रावेल ने अपने पहले और एकमात्र प्रयास में 16.41 मीटर की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया।प्रभु को क्वालीफिकेशन के दौरान कुछ तनावपूर्ण पल झेलने पड़े। उन्होंने अपने पहले दो प्रयास फाउल कर दिए, लेकिन अंतिम प्रयास में 16.26 मीटर की कूद लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया और फाइनल में जगह बना ली। शनिवार को होने वाले फाइनल के लिए शीर्ष 12 खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया। वहीं पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके फाइनल में जगह बनाने में असफल रहे। उन्होंने अपनी सेमीफाइनल हीट में 46.33 सेकेंड का समय लेकर छठा स्थान हासिल किया जो उनके स्तर के मुकाबले निराशाजनक प्रदर्शन रहा। साइकिलिंग में लिशा बाहर, पुरूष फर्राटी टीम सातवें स्थान पर : भारतीय पैरा साइकिलिस्ट लिशा दास महिलाओं की सी4-सी5 4,000 मीटर व्यक्तिगत परसूट क्वालीफाइंग स्पर्धा में छठे और अंतिम स्थान पर रहने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। भारतीय दल की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली देश की एकमात्र पैरा-ट्रैक साइकिलिस्ट 16 वर्षीय इस खिलाड़ी ने क्वालीफाइंग राउंड में 6:58.000 का समय निकाला, जिसमें उनकी औसत गति 34.450 किमी प्रति घंटा रही। पुरुषों की टीम स्प्रिंट साइकिलिंग स्पर्धा में भारत कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया और सात टीमों में अंतिम स्थान पर रहा। भारत के तीन राइडर रोजित सिंह, डेविड बेकहम और रोनाल्डो सिंह ने 750 मीटर स्पर्धा में कुल मिलाकर 46.396 सेकंड का समय लिया और उनकी औसत गति 58.195 किमी प्रति घंटा रही।</p>
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		<title>Gold Price में ₹1,000 की तेजी, दिल्ली सर्राफा बाजार में Silver Price ₹600 टूटी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:52:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतें 1,000 रुपये बढ़कर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं। इसकी वजह वैश्विक बाजार में मजबूत रुझानों के बीच आभूषण और फुटकर विक्रेताओं की ओर से ताजा लिवाली है। इससे पिछले सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,47,000 रुपये प्रति &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतें 1,000 रुपये बढ़कर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गईं। इसकी वजह वैश्विक बाजार में मजबूत रुझानों के बीच आभूषण और फुटकर विक्रेताओं की ओर से ताजा लिवाली है। इससे पिछले सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, हालांकि, चांदी की कीमत 600 रुपये टूटकर 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रह गई, जबकि बुधवार को यह 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। कारोबारियों ने कहा कि आभूषण विक्रेताओं और स्टॉक रखने वालों की मांग बढ़ने से घरेलू सोने की कीमतें थोड़ी बढ़ीं; हालांकि, रुपया मजबूत होने से कीमतों में और बढ़ोतरी सीमित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व की हालिया नीतिगत घोषणा के बाद डॉलर में गिरावट के बीच इस कीमती धातु की मांग बढ़ने से बृहस्पतिवार को सोने की कीमतों में तेजी आई।’’ उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के बाद डॉलर इंडेक्स 101 के स्तर के आसपास बना रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना मामूली बढ़त के साथ 4,071.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था और चांदी एक प्रतिशत बढ़कर 58.25 डॉलर प्रति औंस हो गई। कोटक नियो (पहले कोटक सिक्योरिटीज) में जिंस शोध विभाग की एवीपी, कायनात चैनवाला ने कहा, ‘‘हाजिर सोना 4,060 डॉलर प्रति औंस और चांदी 57.5 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर बनी हुई है, क्योंकि बाजार में शामिल लोग दिन के उत्तरार्द्ध में आने वाले अमेरिकी व्यक्तिगत खपत खर्च मुद्रास्फीति और बेरोजगारी दावे के आंकड़ों से पहले फेडरल रिजर्व के यथास्थिति बनाए रखने के फैसले को समझ रहे हैं।’’ इस बीच, अप्रैल-जून में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर छह प्रतिशत घटकर 131.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल इसी अवधि में कुल मांग 139.7 टन की थी। इसके अलावा, अप्रैल-जून तिमाही में सोने की वैश्विक मांग सालाना आधार पर 1,269 टन पर स्थिर रही। पिछले साल इसी तिमाही में सोने की कुल मांग 1,268.6 टन थी।</p>
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		<title>Delhi में सामान्य से अधिक बारिश के बावजूद सात साल में सबसे प्रदूषित रहा July महीना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:50:31 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली में जुलाई का महीना मौसम के उतार-चढ़ाव वाला रहा। एक तरफ जहां लगभग 10 साल में पहली बार हवा की गुणवत्ता ‘‘अच्छी’’ रही, वहीं दूसरी ओर पिछले सात साल में जुलाई का महीना सबसे अधिक प्रदूषित भी रहा। लंबे समय तक शुष्क मौसम के बाद कुछ तेज बारिश के कारण मानसूनी बारिश सामान्य से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली में जुलाई का महीना मौसम के उतार-चढ़ाव वाला रहा। एक तरफ जहां लगभग 10 साल में पहली बार हवा की गुणवत्ता ‘‘अच्छी’’ रही, वहीं दूसरी ओर पिछले सात साल में जुलाई का महीना सबसे अधिक प्रदूषित भी रहा। लंबे समय तक शुष्क मौसम के बाद कुछ तेज बारिश के कारण मानसूनी बारिश सामान्य से अधिक रही, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में सात वर्षों का सबसे प्रदूषित जुलाई दर्ज किया गया। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के विश्लेषण के अनुसार, जुलाई के पहले 30 दिन में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 119 रहा। यह 2019 के बाद जुलाई महीने का सबसे अधिक औसत है, जब एक्यूआई 134 दर्ज किया गया था। यह औसत पिछले साल जुलाई महीने के 78 के औसत से काफी अधिक था। मासिक औसत भले खराब रहा हो, लेकिन दिल्ली में नौ साल में पहली बार जुलाई में हवा की गुणवत्ता ‘‘अच्छी’’ रही और एक्यूआई गिरकर 48 पर आ गया। यह जुलाई में दर्ज किया गया सबसे कम दैनिक न्यूनतम एक्यूआई था। इससे पहले 2017 में यह 43 तक पहुंच गया था। दूसरी तरफ, जुलाई के महीने के दौरान एक्यूआई बढ़कर 261 हो गया जो जुलाई में पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक दैनिक अधिकतम एक्यूआई था। इससे पहले 2021 में यह 266 था। महीने के दौरान, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 15 दिन ‘‘मध्यम’’, 12 दिन ‘‘संतोषजनक’’, दो दिन ‘‘खराब’’ और एक दिन ‘‘अच्छी’’ रही, जबकि एक भी दिन हवा की गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब’’ नहीं दर्ज की गई। सीपीसीबी के अनुसार, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। मानसून की गतिविधि में लंबे समय तक रुकावट के बावजूद, अधिकतर मौसम केंद्रों पर इस महीने बारिश सामान्य से अधिक रही।</p>
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		<title>Mahanadi flood: Odisha में मध्यम बाढ़ की आशंका, 5 जिलों में &#8216;हाई अलर्ट&#8217; जारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:48:42 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[महानदी नदी में ‘‘मध्यम’’ बाढ़ की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राज्य के घनी आबादी वाले तटीय क्षेत्रों में ‘हाई अलर्ट’ जारी कर रखा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि कटक के पास मुंडाली बैराज पर महानदी में लगभग नौ लाख &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>महानदी नदी में ‘‘मध्यम’’ बाढ़ की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राज्य के घनी आबादी वाले तटीय क्षेत्रों में ‘हाई अलर्ट’ जारी कर रखा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि कटक के पास मुंडाली बैराज पर महानदी में लगभग नौ लाख क्यूसेक पानी बह रहा है, जिससे खुर्दा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में बाढ़ आने की आशंका है। पुजारी ने कहा, ‘‘कटक के आठगढ़ और बादंबा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुसने की खबर मिली है। जिला कलेक्टर को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बचाव दलों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं।’’ जल संसाधन विभाग के मुख्य इंजीनियर दिलीप कुमार राउत ने कहा कि अगले 36 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि महानदी में बाढ़ का जलप्रवाह अपने चरम पर पहुंचने की आशंका है। उन्होंने बताया कि महानदी नदी में आठ लाख क्यूसेक से अधिक जलप्रवाह को ‘‘मध्यम बाढ़’’ माना जाता है। पुजारी ने बताया कि बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। राउत ने कहा कि खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में महानदी और उसकी सहायक नदियों के तटबंधों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में कर्मियों की तैनाती की गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मुंडाली बैराज पहले भी 10 से 12 लाख क्यूसेक तक के जलप्रवाह को संभाल चुका है। अधिकारियों के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम तक मुंडाली पर जलप्रवाह नौ लाख क्यूसेक से अधिक होने की संभावना है। इससे महानदी और उसकी सहायक नदियों लूना, करंडिया, चित्रोत्पला, पैका, सालिया, देवी, कंदला, कुआखाई, कुशभद्रा, दया और भार्गवी में बाढ़ का पानी आ सकता है। राउत ने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तटबंध में टूट-फूट न हो और मानव जीवन की कोई हानि न हो। निचले इलाकों में जलभराव चिंता का विषय है। जिन अधिकारियों को पहले बाढ़ प्रबंधन का अनुभव है, उन्हें संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है।’’ विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटी ने महानदी डेल्टा क्षेत्र के जिलों के कलेक्टर को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं और संबंधित क्षेत्रों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। पुजारी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित उत्तरी जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद बताया कि हालिया बाढ़ से राज्य के 30 में से 20 जिलों के सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 520 राहत शिविरों में रखा गया है। पाटी ने बताया कि विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित प्रतिक्रिया बल और अग्निशमन सेवाओं की कुल 123 बचाव टीम तैनात की गई हैं। इस बीच दिल्ली में मौजूद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उन्होंने सभी जिला कलेक्टर को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि बाढ़ की स्थिति को लेकर घबराएं नहीं। नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
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		<title>Allahabad High Court का फैसला, प्रशासनिक देरी के आधार पर छूट नहीं मांग सकते सरकारी विभाग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:46:03 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि सरकारी विभाग मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के तहत अपील दायर करने में हुई देरी को माफ कराने के लिए केवल नौकरशाही प्रक्रियाओं, फाइलों की आवाजाही या प्रशासनिक विलंब का हवाला नहीं दे सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून की नजर में सरकार और निजी पक्षकार समान स्तर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि सरकारी विभाग मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के तहत अपील दायर करने में हुई देरी को माफ कराने के लिए केवल नौकरशाही प्रक्रियाओं, फाइलों की आवाजाही या प्रशासनिक विलंब का हवाला नहीं दे सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून की नजर में सरकार और निजी पक्षकार समान स्तर पर हैं तथा विलंब माफी के लिए सरकारी विभागों को ठोस और वास्तविक कारण बताने होंगे। 13 जुलाई को सुरक्षित रखा गया यह फैसला 29 जुलाई को सुनाया गया, जिसे बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी रेल मंत्रालय की उस विशेष अपील को खारिज करते हुए की, जो लखनऊ की वाणिज्यिक अदालत के एक आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। खंडपीठ ने वाणिज्यिक अदालत के उस निर्णय को सही ठहराया, जिसमें मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत आपत्तियां दाखिल करने में हुई 28 दिन की देरी को माफ करने से इनकार कर दिया गया था। मामला मेसर्स गैलेंट इस्पात लिमिटेड और रेल मंत्रालय के बीच रेलवे साइडिंग के लिए आवंटित भूमि के पट्टा किराये से संबंधित विवाद का था। दिसंबर 2023 में एकल मध्यस्थ ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेलवे को पट्टा किराये में संशोधन करने तथा लगभग 1.79 करोड़ रुपये आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया था। रेल मंत्रालय ने इस मध्यस्थीय निर्णय को वाणिज्यिक अदालत में चुनौती दी, लेकिन उसकी याचिका निर्धारित समय-सीमा के बाद दाखिल की गई। इस कारण अदालत ने देरी माफ करने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद रेल मंत्रालय ने उच्च न्यायालय का रुख किया। गैलेंट इस्पात लिमिटेड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलील दी कि रेल मंत्रालय देरी के लिए कोई ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सका, इसलिए उसे राहत नहीं दी जा सकती। उच्च न्यायालय ने अपील खारिज करते हुए कहा कि न्यायालयों का लगातार यह दृष्टिकोण रहा है कि विलंब माफी ‘‘अपवाद है, नियम नहीं।’’ अदालत ने कहा कि सरकारी विभागों को देरी के लिए वास्तविक, ठोस और पर्याप्त कारण प्रस्तुत करने होंगे। वे केवल प्रशासनिक चूक, प्रक्रियागत विलंब या विभागों के बीच फाइलों की आवाजाही का हवाला देकर राहत की अपेक्षा नहीं कर सकते।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>AIIMS Raebareli परिसर में मरीजों के तीमारदारों के लिए बनेगा रात्रि विश्राम गृह</title>
		<link>https://kashijagran.com/aiims-raebareli-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:06:30 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-रायबरेली परिसर में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों और उनके तीमारदारों के लिए रात्रि विश्राम गृह बनाया जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से दूर-दराज के जिलों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को सुरक्षित और स्वच्छ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-रायबरेली परिसर में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों और उनके तीमारदारों के लिए रात्रि विश्राम गृह बनाया जाएगा। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से दूर-दराज के जिलों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को सुरक्षित और स्वच्छ आवास उपलब्ध हो सकेगा।<br />
वर्तमान में कई तीमारदार अपने परिजनों के उपचार के दौरान अस्पताल परिसर या खुले स्थानों पर रात बिताने को मजबूर होते हैं। एम्स के अधिकारियों के अनुसार, संस्थान के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन विभिन्न जिलों से करीब 3,000 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं के माध्यम से भर्ती भी किए जाते हैं, जिससे तीमारदारों के लिए ठहरने की व्यवस्था की आवश्यकता बढ़ गई है। इस परियोजना को एम्स-रायबरेली और सेवा दान आरोग्य संस्था के बीच बृहस्पतिवार को हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत लागू किया जाएगा। एमओयू का आदान-प्रदान एम्स के उपनिदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह और सेवा दान आरोग्य संस्था के प्रतिनिधि अमित दास ने कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अमिता जैन तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया। कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अमिता जैन ने कहा कि मरीजों के परिजनों और तीमारदारों के लिए सम्मानजनक आवास की व्यवस्था संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस पहल से मरीजों के परिवारों को काफी लाभ मिलेगा। संस्थान ने कहा कि परिसर में रात्रि विश्राम गृह बनने से हजारों मरीजों और उनके तीमारदारों के उपचार संबंधी अनुभव में सुधार होगा, क्योंकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>जुमांजी सीरीज की आखिरी फिल्म Jumanji Open World का ट्रेलर रिलीज, इस क्रिसमस थिएटर्स में मचेगा धमाल!</title>
		<link>https://kashijagran.com/%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Bharat Ki Tasveer]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 07:03:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[सोनी पिक्चर्स ने अपनी पॉपुलर फिल्म सीरीज जुमांजी के तीसरे और आखिरी पार्ट जुमांजी ओपन वर्ल्ड (Jumanji: Open World) का पहला ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज कर दिया है। इस फिल्म में एक बार फिर ड्वेन जॉनसन, केविन हार्ट, जैक ब्लैक और कैरेन गिलान की जोड़ी साथ नजर आ रही है। जबरदस्त कॉमेडी, एक्शन और एक नए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सोनी पिक्चर्स ने अपनी पॉपुलर फिल्म सीरीज जुमांजी के तीसरे और आखिरी पार्ट जुमांजी ओपन वर्ल्ड (Jumanji: Open World) का पहला ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज कर दिया है। इस फिल्म में एक बार फिर ड्वेन जॉनसन, केविन हार्ट, जैक ब्लैक और कैरेन गिलान की जोड़ी साथ नजर आ रही है। जबरदस्त कॉमेडी, एक्शन और एक नए ट्विस्ट से भरपूर यह फिल्म इस क्रिसमस पर रिलीज होने के लिए तैयार है।<br />
इस बार गेम नहीं, रियल वर्ल्ड में आया ट्विस्ट<br />
पुरानी फिल्मों में हमने देखा था कि कैसे टीनेजर्स गेम के अंदर चले जाते थे। लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह पलट गई है। फिल्म में गेम के पॉपुलर कैरेक्टर्स डॉ. स्मॉल्डर ब्रेवस्टोन (ड्वेन जॉनसन), माउस फिनबार (केविन हार्ट), प्रोफेसर शेल्डन (जैक ब्लैक) और रूबी राउंडहाउस (कैरेन गिलान) खुद असल दुनिया में आ जाते हैं और यहां सर्वाइव करने के लिए स्ट्रगल करते दिखते हैं। कैरेक्टर्स हुए ग्लिच, मचेगा फुल एंटरटेनमेंट<br />
कहानी में प्रॉब्लम तब शुरू होती है जब स्पेंसर और उसके दोस्तों को समझ आता है कि ये वीडियो गेम कैरेक्टर्स असली दुनिया में आकर डेमो मोड में अटक गए हैं। यानी इनके पास अपनी पूरी पावर्स नहीं हैं और ये बार-बार ग्लिच हो रहे हैं। ट्रेलर में डायनासोर का रेस्टोरेंट में घुसना और सड़कों पर कैरेक्टर्स की भागदौड़ जैसे कई ऐसे सीन हैं जो फुल एंटरटेनमेंट का वादा करते हैं।</p>
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